बालिका शिक्षा फाउंडेशन राजस्थान की बालिका प्रोत्साहन योजनाएं | Girl Child Promotion Schemes of Balika Shiksha Foundation Rajasthan

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालिका शिक्षा फाउण्डेशन की स्थापना 30 मार्च 1995 में की गई। बालिका शिक्षा फाउण्डेशन सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत संस्था है, जिसकी शाषी परिषद् के अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री एवं निष्पादक परिषद् के सभापति मुख्य सचिव महोदय है।

फाउण्डेशन की स्थापना के समय राज्य सरकार के द्वारा कोरपस फण्ड के रूप में 1.00 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई। बालिका शिक्षा फाउण्डेशन में निजी शिक्षण संस्थाओं की मान्यता/क्रमोन्नति/स्थान परिर्वतन आदि के लिए आरक्षित कोष की राशि जमा करवाई जाती है। वर्तमान में कोरपस फण्ड एवं आरक्षित कोष की कुल राशि 204.00 करोड रूपये बालिका शिक्षा फाउण्डेशन के पी.डी खाते में जमा है। उक्त जमा राशि से प्रतिवर्ष लगभग 15 करोड़ रूपये ब्याज अर्जित होता है। उक्त अर्जित ब्याज से निम्नयोजनाओं का संचालन किया जाता है।

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इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार |Indira Priyadarshini Award

राज्य सरकार के परिपत्र क्रमांक पं17(13) शिक्षा-1/2008/दिनंाक 05.03.2019 के द्वारा इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना सत्र 2019-20 से प्रारम्भ की जा रही है । इस योजनार्न्तगत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा-8, कक्षा-10 एवं कक्षा-12 की परीक्षा में निम्न वर्गो में (1) अनुसूचित जाति, (2) अनुसूचित जनजाति, (3)अन्य पिछड़ा वर्ग (4) अल्पसंख्यक (5) निःशक्त (6) सामान्य वर्ग (7) विशेष पिछड़ा वर्ग एंव (8) बी.पी.एल वर्गो में जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओ को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर समारोह आयोजित कर बालिकाओं को पुरस्कर वितरित किया जायेगा।

इसी प्रकार संस्कृत शिक्षा विभाग में उक्त वर्गो में राज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी यह पुरस्कार दिया जायेगा। पुरस्कार स्वरूप कक्षा-8 की बालिकाओं को रू. 40000/-, कक्षा-10 की बालिका को रू. 75000/- एवं कक्षा-12 की बालिका को रू. 100000/- का पुरस्कार दिया जायेगा । कक्षा-12 की बालिकाओं को पुरस्कार के अतिरिक्त स्कूटी भी दी जायेगी । यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 19 नवम्बर को इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर दिया जायेगा ।

बालिका प्रोत्साहन (कक्षा 12th के लिए) | Balika Protsahan (For Class 12th)

यह योजना सत्र 2008-09 में प्रारम्भ की गई। योजनान्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 75% व इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को रु. 5000 एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाता है।

पुरस्कार हेतु राशि निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। उक्त पुरस्कार भी जिला मुख्यालय एंव पंचायत समिति स्तर पर प्रतिवर्ष बसन्त पंचमी को समारोह आयोजित कर पुरस्कार वितरित किया जाता है।

गार्गी पुरस्कार (प्रथम किस्त सत्र 2021-22) | Gargi Award (1st installment session 2021-22)

योजना वर्ष 1998 से प्रारम्भ की गई है। योजना अन्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में 75% व इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को कक्षा 11 व 12 में नियमित अध्ययनरत् रहने पर प्रतिवर्ष राशि रु. 3000 एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाता है ।

पुरस्कार हेतु राशि निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। पुरस्कार प्रत्येक जिला मुख्यालय एंव पंचायत समिति स्तर पर प्रतिवर्ष बसन्त पंचमी को समारोह आयोजित कर पुरस्कार वितरित किया जाता है।

स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 8 से 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कार दिया जाता है।

योजना वर्ष 1998 से प्रारम्भ की गई है। योजना अन्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में 75% व इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को कक्षा 11 व 12 में नियमित अध्ययनरत् रहने पर प्रतिवर्ष राशि रु. 3000 एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाता है |

गार्गी पुरस्कार (द्वितीय किस्त सत्र 2020-21) | Gargi Award (2nd installment session 2020-21)

पुरस्कार हेतु राशि निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। पुरस्कार प्रत्येक जिला मुख्यालय एंव पंचायत समिति स्तर पर प्रतिवर्ष बसन्त पंचमी को समारोह आयोजित कर पुरस्कार वितरित किया जाता है।

स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 8 से 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कार दिया जाता है।

आपकी बेटी योजना |

यह योजना वर्ष 2004-05 से प्रारम्भ की गई। इस योजनान्तर्गत ‘‘गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 में अध्ययनरत् ऐसी बालिकाएँ जिनके माता-पिता दोनों अथवा एक का निधन हो गया हो’’ को लाभान्वित किया जाता है। कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत् बालिकाओं को 1100 रु. प्रतिवर्ष एवं कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत् को 1500 रु. प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाती रही है।

राज्य सरकार के परिपत्र क्रमांक पं-01(18)/प्राशि/आयो/2019/दिनांक 31.05.2019 के अनुसार पुरस्कार में वृद्वि की गई है पत्र अनुसार अब कक्षा- 1 से 8 की बालिकाओं को 2100 रूपये तथा 9 से 12 की बालिका को 2500 रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी।

शारीरिक अक्षमता युक्त बालिकाओं हेतु आर्थिक सबलता पुरस्कार

यह योजना वर्ष 2004-05 में प्रारम्भ की गई थी । इस योजनान्तर्गत राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत् बालिकाएँ जो कि शारीरिक रूप से दिव्यांग है उन्हें 2000 रु. की आर्थिक सहायता प्रतिवर्ष दी जाती है ।

मूक बधिर एवं नेत्रहीन बालिकाओं हेतु आर्थिक सबलता पुरस्कार

उक्त योजना वर्ष 2005-06 में प्रारम्भ की गई थी। इस योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा संचालित मूक बधिर एवं नेत्रहीन विद्यालयों में अध्ययनरत् बालिकाओं को प्रतिवर्ष रू. 2000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।

मुख्यमंत्री हमारी बेटियाँ योजना

योजना सत्र 2015-16 से प्रारम्भ की गई है। योजनान्तर्गत राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिका जिसने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षा में जिलें में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली, एक बीपीएल श्रेणी एंव एक अनाथ बालिका अर्थात प्रत्येक जिले से चार बालिकाएँ (न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक) इस योजना के लिए पात्र हैं। सत्र 2018-19 से एक अनाथ बालिका को भी योजना में सम्मिलित किया गया है। उक्त योजना में चयनित बालिकाओं को कक्षा 11 एंव 12/व्यावसायिक शिक्षा/प्रशिक्षण हेतु रू. 1,15000/- तक की सीमा में तथा स्नातकोत्तर तक की शिक्षा/प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु रू. 2,25000/- रूपये तक की सीमा मे वित्तीय सहायता बालिका शिक्षा फाउण्डेशन के द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है।

विदेश में स्नातक स्तर की शिक्षा सुविधा योजना

इस योजनान्तर्गत राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-राजस्थान, अजमेर की कक्षा 10वीं की मैरिट में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं के अभिभावकों द्वारा नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर सहमति देने के उपरान्त विदेश में स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाता है। अध्ययन का सम्पूर्ण व्यय (प्रतिवर्ष अधिकतम 25 लाख अधिकतम 3 वर्ष तक) बालिका शिक्षा फाउण्डेशन द्वारा वहन किया जाता है। पूर्व की अध्ययनरत बालिकाओ के साथ-साथ वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में दो नवीन बालिकाओं को भी विदेश अध्ययन हेतु 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है।

बालिका शिक्षा फाउंडेशन की अधिकृत वेबसाइट

https://rajshaladarpan.nic.in/SD3/Home/BSF/Index.aspx