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रूढ़ि प्रयोजन शब्द: हिंदी व्याकरण में एक महत्वपूर्ण अवधारणा तथा रूढ़ि प्रयोजन शब्दों की विस्तृत सूची

रूढ़ि प्रयोजन शब्द: हिंदी व्याकरण में एक महत्वपूर्ण अवधारणा

परिभाषा:

रूढ़ि प्रयोजन शब्द वे शब्द होते हैं जिनका अर्थ समय के साथ स्थापित हो गया होता है और उनका उपयोग एक विशिष्ट अर्थ व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इन शब्दों का अर्थ उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है।

उदाहरण:

  1. पगला: शाब्दिक अर्थ “पांव का अंगूठा” है, लेकिन रूढ़ि प्रयोजन में इसका अर्थ “मूर्ख” या “अविवेकी” व्यक्ति होता है।
  2. दांत खट्टे करना: शाब्दिक अर्थ “दांतों को खट्टा बनाना” है, लेकिन रूढ़ि प्रयोजन में इसका अर्थ “किसी को परेशान करना” या “उसका मन खराब करना” होता है।
  3. आंख मूंदकर विश्वास करना: शाब्दिक अर्थ “आंख बंद करके विश्वास करना” है, लेकिन रूढ़ि प्रयोजन में इसका अर्थ “बिना सोचे-समझे विश्वास करना” या “अंधविश्वासी होना” होता है।

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों की विशेषताएं:

  1. इन शब्दों का अर्थ समय के साथ स्थापित हो जाता है।
  2. इनका उपयोग एक विशिष्ट अर्थ व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
  3. इनका अर्थ उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है।
  4. ये शब्द अक्सर मुहावरों और कहावतों में पाए जाते हैं।

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों का महत्व:

  1. ये भाषा को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाते हैं।
  2. इनके प्रयोग से वाक्यों का अर्थ स्पष्ट होता है।
  3. ये भाषा को संक्षिप्त बनाने में मदद करते हैं।

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों के कुछ उदाहरण:

  1. आँख मूंदकर – बिना सोचे-समझे
  2. आँसू बहाना – रोना
  3. आँखें खुलना – समझ में आना
  4. आँखें फेर लेना – अनदेखा करना
  5. आँख में धूल झोंकना – धोखा देना
  6. आँखों से ओझल होना – गायब हो जाना
  7. आँखों में चुभना – अप्रिय लगना
  8. आँखें तरेरना – गुस्सा करना

निष्कर्ष:

रूढ़ि प्रयोजन शब्द हिंदी भाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका उपयोग भाषा को अधिक रोचक, प्रभावशाली और संक्षिप्त बनाने में मदद करता है। ये शब्द भाषा की जीवंतता और गहराई को प्रदर्शित करते हैं और संप्रेषण को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाते हैं।

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों का विस्तृत विवरण:

  1. आँख मूंदकर (बिना सोचे-समझे): किसी कार्य को बिना किसी विचार या जांच के करना। जैसे, “राम ने आंख मूंदकर अपने मित्र पर भरोसा किया।”
  2. आँसू बहाना (रोना): किसी दुख या पीड़ा को व्यक्त करने के लिए रोना। जैसे, “सुरेश ने अपनी असफलता पर आँसू बहाए।”
  3. आँखें खुलना (समझ में आना): किसी तथ्य या सच्चाई का पता चलना। जैसे, “राहुल की आंखें तब खुलीं जब उसे सच का पता चला।”
  4. आँखें फेर लेना (अनदेखा करना): किसी व्यक्ति या स्थिति को अनदेखा करना। जैसे, “सीमा ने अपने पुराने दोस्तों से आंखें फेर लीं।”
  5. आँख में धूल झोंकना (धोखा देना): किसी को धोखा देना या गलत जानकारी देना। जैसे, “उस व्यापारी ने अपने ग्राहकों की आंखों में धूल झोंकी।”
  6. आँखों से ओझल होना (गायब हो जाना): किसी का अचानक दृष्टि से गायब हो जाना। जैसे, “शेर जंगल में आंखों से ओझल हो गया।”
  7. आँखों में चुभना (अप्रिय लगना): किसी व्यक्ति या चीज का अप्रिय लगना। जैसे, “वह आदमी मुझे आंखों में चुभता है।”
  8. आँखें तरेरना (गुस्सा करना): किसी पर गुस्सा दिखाना। जैसे, “माँ ने मेरी गलती पर आंखें तरेरीं।”

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों के प्रभाव:

रूढ़ि प्रयोजन शब्द केवल भाषा के सौंदर्य को ही नहीं बढ़ाते, बल्कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। ये शब्द समय के साथ भाषा में समृद्धि लाते हैं और लोगों के बीच की संप्रेषण को सजीव और प्रभावी बनाते हैं।

आगे की दिशा:

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों का अध्ययन और प्रयोग भाषा शिक्षण में महत्वपूर्ण है। यह छात्रों को भाषा की गहराई और उसके विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है। इन शब्दों का सही प्रयोग भाषा को अधिक प्रभावी और संप्रेषण को अधिक स्पष्ट बनाता है।

इस प्रकार, रूढ़ि प्रयोजन शब्द हिंदी भाषा की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो भाषा को जीवंत, प्रभावी और समृद्ध बनाती है। इन्हें समझना और सही तरीके से उपयोग करना भाषा के अध्ययन और प्रयोग में महत्वपूर्ण है।

रूढ़ि प्रयोजन शब्दों की विस्तृत सूची

परिभाषा: रूढ़ि प्रयोजन शब्द वे शब्द होते हैं जिनका अर्थ समय के साथ स्थापित हो गया होता है और उनका उपयोग एक विशिष्ट अर्थ व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

नीचे कुछ प्रमुख रूढ़ि प्रयोजन शब्दों और उनके अर्थों की एक लंबी सूची दी गई है:

  1. आँख मूंदना – अनदेखा करना
  2. आँख फेर लेना – मुँह मोड़ लेना, उपेक्षा करना
  3. आँखों का तारा – बहुत प्रिय होना
  4. आँखें तरेरना – गुस्से से देखना
  5. आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना
  6. आँसू बहाना – रोना
  7. आँखें खुलना – समझ में आना
  8. आकाश पाताल एक करना – बहुत प्रयास करना
  9. आँगन का दीया – घर का उजाला
  10. इधर-उधर की बातें करना – गोलमोल बातें करना
  11. ईंट का जवाब पत्थर से देना – अधिक कठोर प्रतिक्रिया देना
  12. उँगली पर नचाना – पूरी तरह से काबू में करना
  13. ऊँट के मुँह में जीरा – बहुत थोड़ी मात्रा
  14. कलेजा ठंडा होना – सन्तोष मिलना
  15. कलेजा मुँह को आना – अत्यधिक डरना
  16. कलेजे पर सांप लोटना – बहुत जलना
  17. कलेजा फट जाना – अत्यधिक दुःखी होना
  18. कपड़े फाड़ना – बहुत गुस्से में होना
  19. कान में जूँ न रेंगना – ध्यान न देना
  20. कान खड़े होना – सचेत होना
  21. कान पकना – बुरी बातें सुनकर दुखी होना
  22. कान भरना – किसी के खिलाफ बातें करना
  23. कान काटना – बेवकूफ बनाना
  24. किसी के कानों तक जाना – किसी के ध्यान में आना
  25. गंगा नहाना – पाप मुक्त होना
  26. घर फूँक तमाशा देखना – अपने नुकसान की परवाह न करना
  27. घर का भेदी – घर का गद्दार
  28. घर की मुर्गी दाल बराबर – अपने का महत्व न समझना
  29. घी के दिए जलाना – खुशी मनाना
  30. घोड़े बेचकर सोना – गहरी नींद में सोना
  31. चादर से बाहर पैर निकालना – अपनी हैसियत से ज्यादा करना
  32. चाँदी की जूती – बहुत बड़ा उपहार
  33. चादर ओढ़कर सोना – चैन से रहना
  34. चाँद-तारे तोड़ना – असंभव कार्य करना
  35. चाँदनी रात – बहुत सुंदर रात
  36. चमड़ी निकालना – बहुत सजा देना
  37. चोट खाया हुआ – धोखा खाया हुआ
  38. चुपके से – बिना किसी को बताए
  39. चूहे बिल्ली का खेल – लगातार संघर्ष
  40. जान हथेली पर रखना – बहुत बड़ा खतरा लेना
  41. जान निकाल लेना – बहुत परेशान करना
  42. जाने देना – छोड़ देना
  43. जमीं आसमान का फर्क – बहुत बड़ा अंतर
  44. जुबान का पक्का – वचन का सच्चा
  45. जुबान फिसलना – गलत बोलना
  46. जमीन पर पैर नहीं रखना – बहुत खुश होना
  47. जल भुन जाना – ईर्ष्या करना
  48. तलवे चाटना – चापलूसी करना
  49. तारे तोड़ना – असंभव काम करना
  50. तीर पर निशाना साधना – सटीक आकलन करना

ये सूची हिंदी भाषा में रूढ़ि प्रयोजन शब्दों के व्यापक उपयोग को दर्शाती है और छात्रों को उनकी समझ और प्रयोक्ता अनुभव को बढ़ाने में मदद करती है।