सोशल मीडिया अपडेट | व्हाट्सएप अब नए फीचर से लैस होकर आया है। Social Media Updates | WhatsApp has now come equipped with a new feature.

सोशल मीडिया का अग्रणी प्लेटफार्म व्हाट्सअप अपने यूजर्स हेतु नया फीचर कम्युनिटी लेकर आया है। इस नए फीचर को लेकर युजर्स में बड़ा क्रेज व उत्सुकता है। आइये, इस नए फीचर की जानकारी प्राप्त करते है।

WhatsApp, the leading platform of social media, has brought a new feature community for its users. There is a lot of craze and curiosity among the users regarding this new feature. Come, let’s get information about this new feature.

व्हाट्सएप के नए फ़ीचर ” कम्युनिटी ” की आरंभिक जानकारी। | Initial information about the new feature of WhatsApp “Community”.

व्हाट्सएप द्वारा आधिकारिक तौर पर कम्युनिटीज लॉन्च किया जा रहा है। व्हाट्सएप का यह  नया फीचर अपने युजर्स को एक बड़े समूह के निर्माण की सुविधा प्रदान करता है। हम जानते है कि पहले व्हाट्सएप अपने युजर्स को 256 सदस्य क्षमता का ग्रुप बनाने की अनुमति देता था । इसके बाद यह संख्या बढाकर 512 कर दी गई है। इनसे भी बढ़कर अब आया है नया फीचर -” कम्युनिटी” ।

Communities is officially being launched by WhatsApp. This new feature of WhatsApp allows its users to create a large group. We know that earlier WhatsApp used to allow its users to create groups of up to 256 members. After this this number has been increased to 512. More than these, now a new feature has come – “Community”.

व्हाट्सएप का अधिकृत ट्वीट | official tweet of whatsapp

Welcome to Communities Now admins can bring related groups together in one place to keep conversations organized.Organized. Private. Connecte

Whatsapp

ऊपरोक्त ट्वीट को आप स्वयं देखे-

Tweet by authorized handle of whatsapp at tweeter. www.shalasaral.com

व्हाट्सएप के नए फीचर ” कम्युनिटी ” की आवश्यकता क्यों है? Why is WhatsApp’s new feature “Community” needed?

व्हाट्सएप के अनेक उपभोक्ताओं जैसे क्लब, शॉप, संस्थान, स्कूल, कॉलेज , संगठनों इत्यादि को बड़ी संख्या में अपने क्लाइंट से सम्पर्क में रहना पड़ता है। उनके सदस्यों की संख्या 500 से अधिक होने पर उनको अनेक ग्रुप बनाने पड़ते है। अतः वे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ” टेलीग्राम ” का इस्तेमाल करने लग गए थे। इस कारण प्रतिस्पर्धा में रहने के लिए व्हाट्सएप ने अपना नया फीचर प्रस्तुत किया हैं।

Many users of WhatsApp like clubs, shops, institutions, schools, colleges, organizations etc. have to keep in touch with a large number of their clients. When the number of their members is more than 500, they have to form many groups. So they all started using the social media platform “Telegram”. For this reason, to stay in the competition, WhatsApp has introduced its new feature.

व्हाट्सएप के नए फीचर ” कम्युनिटी ” में मिलने वाली सम्भावित सुविधाओं की लिस्ट |List of possible features available in WhatsApp’s new feature “Community”

  • व्यवस्थापक नियंत्रण
  • उप-समूहों और सूचना समूहों के लिए सपोर्ट सिस्टम।
  • 32-व्यक्ति आवाज और वीडियो कॉल
  • बड़ी फ़ाइल को शेयर करना सम्भव,
  • नई व आकर्षक इमोजी एक्शन और चुनाव
  • admin control
  • Support system for sub-groups and information groups.
  • 32-person voice and video calls
  • Possible to share large files
  • New and exciting emoji action and selection

व्हाट्सएप के नए फीचर की कुछ नई बाते भी

समुदाय स्वयं 1,024 उपयोगकर्ताओं के समूहों का समर्थन कर सकते हैं और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की पेशकश कर सकते हैं।

समुदायों के लिए विकसित की गई कुछ विशेषताएं, जैसे इमोजी प्रतिक्रियाएं, बड़ी फ़ाइल साझाकरण (2GB तक) और संदेशों को हटाने के लिए व्यवस्थापक की क्षमता, आज के लॉन्च से पहले ही व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर अपना रास्ता बना चुकी थीं। अब, कंपनी का कहना है कि मतदान, 32-व्यक्ति वीडियो कॉल और बड़े समूह आकार भी व्हाट्सएप पर समुदायों के बाहर अधिक व्यापक रूप से समर्थित होंगे।

नई सुविधा शुरू में फेसबुक समूहों के साथ कुछ तुलना कर सकती है, क्योंकि वे दोनों उप-समूहों, फ़ाइल साझाकरण, व्यवस्थापक कार्यक्षमता और अधिक जैसी चीजों का समर्थन करते हैं। लेकिन जहां फेसबुक समूह अक्सर डिस्कनेक्ट किए गए अजनबियों द्वारा उपयोग किए जाते हैं, जो समान रुचि साझा करते हैं, व्हाट्सएप समुदाय उन सदस्यों द्वारा उपयोग किए जाने के लिए होते हैं जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में जुड़े हुए हो सकते हैं। फेसबुक के विपरीत, व्हाट्सएप फोन नंबर-आधारित है, जिसका अर्थ है कि इन चर्चा समूहों में शामिल होने वाले लोग पहले से ही एक दूसरे के साथ कुछ परिचित हैं, क्योंकि उन्होंने फोन नंबरों का आदान-प्रदान किया होगा या कम से कम समूह व्यवस्थापक के साथ अपना नंबर साझा किया होगा। हालांकि, फ़ोन नंबर व्यापक समुदाय से छिपाए जाएंगे और केवल उन्हीं उप-समूहों के व्यवस्थापकों और अन्य लोगों को दिखाई देंगे, जो आपके जैसे हैं।