राजस्थान शिक्षा विभाग समाचार 2023

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आज का संकलन 03 जनवरी 2023, मंगलवार

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🍃🌾🌾 *03 JANUARY 2023* 🦋 *आज की प्रेरणा* 🦋

जो खुशी आप दूसरों को देते हैं वही खुशी लौटकर आपके पास आती है।

आज से हम खुशियां बाँटते रहें।

💧 TODAY’S INSPIRATION 💧

The joy that you give to others is the joy that comes back to you!

TODAY ONWARDS LET’S keep sharing happiness.

एक सीख – दलाई लामा के सदवचन

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।।ॐ आज का पंचांग ॐ।।


तिथि — द्वादशी
वार. ——– मंगलवार
मास —— पौष
पक्ष ——– शुक्ल
सूर्योदय ——-०७-२४
सूर्यास्त —– १८-०२
चन्द्रोदय —– १५-०७
चन्द्रास्त —- २९-०९+
सूर्य राशि —— धनु
चन्द्र राशि—– वृषभ अभिजीत मुहूर्त – १२-२२ से १३-०४ तक।
राहुकाल १५-२३
से १६-४२ तक ।
कलियुगाब्द……५१२४
विक्रम संवत्…. २०७९
ऋतु….. शिशिर
नक्षत्र.. कृत्तिका
योग… शुभ
करण… वणिज
आंग्ल मतानुसार
०३ जनवरी सन् २०२३
आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो।
।।ॐ।।सुभाषित।।ॐ।।


न पश्यन्ति च जन्मान्धा: कामान्धो नैव पश्यति ।
मदोन्मत्ता न पश्यन्ति आर्थि दोषं न पश्यति ॥


जन्म के अंधे को दिखाई नही देता, वासना के कारण सुझ बुझ खोनेवाले कामान्ध को भी कुछ नही दीखता, शराब आदि के कारण उन्मत्त को भी कुछ नही सुझता और स्वार्थ पूर्ति होने के धून मे स्वार्थी भी भला बूरा नही देखता ।

इस नए साल की आप व आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।

आइए हम मिलकर 7 संकल्प लें कि आज से :-

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1 सिर्फ सत्य के मार्ग पर चलेंगे।
2 किसी को किसी हाल में दुःख नहीं पहुंचाएंगे।
3 स्वयं,घर व घर के आसपास पूर्ण सफाई रखेंगे।
4 पर्यावरण संतुलन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम दोहन कर जहां तक संभव हो प्लास्टिक व प्लास्टिक से बने समान का उपयोग कम से कम करेंगे।
5 परिवेस, परिवार व पड़ोसी की मदद के साथ – साथ आवश्यकता अनुसार एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
6 प्रतिदिन 10 मिनिट सामाजिक सेवा हेतु कार्य करेंगे।
7 विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य से स्ंतुलित व्यवहार रखेंगे।

आशा है हम सब मिलकर मानव मात्र के भले के लिए सदेव प्रयत्नशील रहेंगे।

मंगलवार का ज्योतिषीय महत्व

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ज्योतिष में मंगल को देवताओं के सेनापति की संज्ञा दी गई है। यह पराक्रम व रक्त का कारक माना जाता है।
वहीं विवाह में विलंब के संबंध में भी इस ग्रह का दोष माना जाता है। इसका रत्न मूंगा होता है। मंगल ग्रह लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है।वहीं इस दिन के कारक देव श्री बजरंग बली माने गए हैं।

गरुण पुराण के अनुसार मनुष्य के शरीर में नेत्र मंगल ग्रह का स्थान है। यदि किसी जातक का मंगल अच्छा हो तो वह स्वभाव से निडर और साहसी होगा तथा युद्ध में वह विजय प्राप्त करेगा लेकिन यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में बैठा हो तो जातक को विविध क्षेत्रों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मंगल का अन्य ग्रहों से संबंध :

मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह मकर राशि में उच्च होता है, जबकि कर्क इसकी नीच राशि है। वहीं नक्षत्रों में यह मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी होता है।

मंगल का वैदिक मंत्र –

ॐ अग्निमूर्धा दिव: ककुत्पति: पृथिव्या अयम्। अपां रेतां सि जिन्वति।।

शुभ मंगलवार

मंगल का तांत्रिक मंत्र –
ॐ अं अंङ्गारकाय नम:।।

मंगल का बीज मंत्र –
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।।

मंगलवार के टोटके : हर संकट से बचाएं, मालामाल बनाएं


मंगलवार का दिन हनुमान जी का माना जाता है। लेकिन इस दिन को गणेश जी के लिए भी शुभ माना गया है। यह दिन कर्ज से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम है। प्रस्तुत है मंगलवार के दिन किए जाने वाले आसान उपाय जो धन संपदा के साथ मन की शांति के लिए भी उत्तम माने गए हैं।

इस दिन सुबह लाल गाय को रोटी देना शुभ है।मंगलवार को हनुमान मंदिर या गणेश मंदिर में नारियल रखना अच्छा माना जाता है।मंगलवार को दिन लाल वस्त्र, लाल फल, लाल फूल और लाल रंग की मिठाई श्री गणेश को चढ़ाने से मनचाही कामना पूरी होती है।

मंगलवार के दिन किसी देवी मंदिर या गणेश मंदिर में ध्वजा चढ़ाकर आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। पांच मंगलवार तक ऐसा करने से धन के मार्ग की सारी रूकावटें दूर हो जाएगी।

मन की शांति के लिए पांच लाल फूल किसी मिट्टी के पात्र में गेहूं के साथ रखकर घर की छत के पूर्वी कोने में मंगलवार को ढंक कर रखें और अगले मंगलवार तक उसे छुए नहीं। अगले मंगलवार को सारे गेहूं छत पर फैला दें और फूलों को घर के मंदिर में रख लें। आपके जीवन के सारे तनाव दूर होंगे और शांति आप खुद महसूस करेंगे।

मंगलवार को तांबा, मतान्तर से सोना, केसर, कस्तूरी, गेहूं, लाल चंदन, लाल गुलाब, सिन्दूर, शहद, लाल पुष्प, शेर, मृगछाला, मसूर की दाल, कनेर, लाल मिर्च, लाल पत्थर, लाल मूंगा के प्रयोग और दान का विशेष महत्व है।

आज का राशिफल व पंचांग


03 जनवरी, 2023, मंगलवार

आज और कल का दिन खास


03 जनवरी, 1894 को रवीन्द्र नाथ टैगोर ने शांति निकेतन में ‘पौष मेला’ का उद्घाटन किया।
03 जनवरी, 1943 को टेलीविजन पर पहली बार गुमशुदा लोगों के बारे में सूचना का प्रसारण किया गया।

04 जनवरी 2023 : प्रदोष व्रत कल।
04 जनवरी 2023 : विश्व ब्रेल दिवस कल।

आज का राशिफल


03 जनवरी, 2023, मंगलवार

मेष राशि : आज आप खुद को ऊर्जा से सराबोर महसूस करेंगे। व्यापार में लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। विश्वसनीय व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलेगा। वाहन ध्यान से चलाएं। नया वाहन या प्रॉपर्टी लेने की सोच रहे हैं तो आज न खरीदें। कार्य योजना के अनुसार नहीं हो पाएंगे।

वृषभ राशि : अनियमितता के कारण स्वास्थ्य प्रतिकूल हो सकता है। जीवन-साथी का प्यारा बर्ताव आपका दिन खुशनुमा बना सकता है। कोर्ट कचहरी के चक्कर लग सकते हैं। बच्चों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए थोड़ा समय अलग से निकालें। पूर्व में की गई मेहनत का फल मिल सकता है।

मिथुन राशि : आज बिजनेस में कुछ नुकसान हो सकता है। भौतिक सुख सुविधाओं की ओर रुझान बढ़ेगा। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद होंगे। शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। बिजनेस नुकसान को होशियारी से टाला जा सकता है। अगर आप कहीं नौकरी करते हैं तो वहां से स्थानांतरण एवं डिमोशन के योग बन रहे हैं।

कर्क राशि : आज अपने उत्साह को काबू में रखें, क्योंकि ज्यादा खुशी भी परेशानी का सबब बन सकती है। आजीविका एवं सुख के साधन जुटा पाएंगे। किसी से सहयोग की आशा नहीं करें। बौद्धिक चिंतन से आशंकाएं दूर होंगी। जो विदेश जाने का विचार कर रहे है उनके विदेश जाने के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि : आज आप बहुत संतुष्ट महसूस करेंगे घर-प्रोपर्टी लेने के लिए दिन अच्छा है। लंबे समय से चले आ रहे प्रेम संबंधों को नया रूप देने के लिए अच्छा मौका है। आज एक टीम की तरह काम करना आपको फायदा पहुंचा सकता है। परिवार के लोगों के साथ आपका दिन हंसी-मजाक से दिन खुशनुमा बीतेगा।

कन्या राशि : आज सोच-समझकर कदम बढ़ाने की जरूरत है। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुजरेगा। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप से बचें। पुराने मित्रों, रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। निवेश-नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। बड़े भाई के साथ टकराव हो सकता है।

तुला राशि : आज आप बेहतर जिन्दगी के लिए अपनी सेहत और व्यक्तित्व में सुधार लाने कि कोशिश करेंगे। गलतफहमियों के कारण आपका वैवाहिक जीवन छिन्न-भिन्न हो सकता है। आपके दुश्मन आपके खिलाफ षंडयत्र रखने की कोशिश करेंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं।

वृश्चिक राशि : आज अगर किसी से प्यार का इज़हार करना है तो सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी। लेकिन याद रखें, जल्दबाजी या हड़बड़ाहट से बनते काम बिगड़ सकते हैं। अपना व्यवहार सकारात्मक बनाए रखें। जल्द ही सफलता के द्वार खुलेंगे। उचित सलाह लेने में हिचकिचाएँ नहीं।

धनु राशि : आज आपके शौर्य में वृद्धि होगी। सम्मान के अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में आशानुकूल लाभ होगा। जीवनसाथी से मतभेद होंगे। अपने भविष्य की योजना बनाने के लिए बिलकुल उपयुक्त दिन है, क्योंकि आपके पास आराम के कुछ लम्हे होंगे। लेकिन अपनी योजनाओं को व्यावहारिक रखें संतान की उन्नति खुशी को बढ़ाएगी।

मकर राशि : आज नौकरी और व्यवसाय में परिश्रम से सफलता प्राप्त करेंगे। सम्बंधो में कुछ उतार-चढ़ाव की स्थिति है। किसी प्रकार के वाद-विवाद में न पड़ें। दफ़्तर का तनाव आपकी सेहत खराब कर सकता है। बिजनेस के लिहाज से समय उत्तम है। निजी प्रयास सार्थक होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति या क्रय करने के योग बनेंगे।

कुम्भ राशि : आप अकेलापन महसूस करेंगे। प्रतिष्ठित व्यक्ति से मेल-जोल बढ़ेगा। कला की तरफ रुझान होगा। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। आय में वृद्धि के योग हैं। अपने सामाजिक जीवन को दरकिनार न करें। व्यापार अच्छा चलेगा। जमा पूंजी में वृद्धि संभव है। व्यक्तिगत संबंध सहायक रहेंगे प्यार के लिए समय बेहतरीन है।

मीन राशि : आज अपने करियर पर विशेष ध्यान दें। शेयर मार्केट से आपको निराशा हो सकती है। सामाजिक कार्यों में संलग्न होंगे। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। चिंता व तनाव में रहेंगे। दुर्घटनादि से बचें। रोमांस के लिए बढ़ाए गए कदम असर नहीं दिखाएंगे। यह पारिवारिक शान्ति को भंग कर सकता है।

एक बढ़िया फोटो सन्देश

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आज का पंचांग

03 जनवरी 2023, मंगलवार


तिथि द्वादशी 10:04 PM
नक्षत्र कृत्तिका 04:26 PM
करण बव 09:12 AM
बालव 10:04 PM
पक्ष शुक्ल
योग शुभ 07:04 AM
वार मंगलवार
सूर्योदय 07:14 AM
सूर्यास्त 05:36 PM
चन्द्रमा वृषभ
राहुकाल 03:01 – 04:18 PM
विक्रमी संवत्  2079
शक सम्वत 1944 (शुभकृत)
मास पौष
शुभ मुहूर्त
अभीजित 12:04 – 12:46 PM

ठाकुर श्री सुजान सिंह |रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना


7 मार्च 1679 ई0 की बात है, ठाकुर सुजान सिंह अपनी शादी की बारात लेकर जा रहे थे, 22 वर्ष के सुजान सिंह किसी देवता की तरह लग रहे थे, ऐसा लग रहा था मानो देवता अपनी बारात लेकर जा रहे हों।

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उन्होंने अपने दुल्हन का मुख भी नहीं देखा था, शाम हो चुकी थी इसलिए रात्रि विश्राम के लिए “छापोली” में पड़ाव डाल दिये । कुछ ही क्षणों में उन्हें गायों में लगे घुंघरुओं की आवाजें सुनाई देने लगी, आवाजें स्पष्ट नहीं थीं, फिर भी वे सुनने का प्रयास कर रहे थे, मानो वो आवाजें उनसे कुछ कह रही थी ।

सुजान सिंह ने अपने लोगों से कहा, शायद ये चरवाहों की आवाज है जरा सुनो वे क्या कहना चाहते हैं ।
गुप्तचरों ने सूचना दी कि युवराज ये लोग कह रहे है कि कोई फौज “देवड़े” पर आई है। वे चौंक पड़े । कैसी फौज, किसकी फौज, किस मंदिर पे आयी है ?

जवाब आया “युवराज ये औरंगजेब की बहुत ही विशाल सेना है, जिसका सेनापति दराबखान है, जो खंडेला के बाहर पड़ाव डाल रखी है ।कल खंडेला स्थित श्रीकृष्ण मंदिर को तोड़ दिया जाएगा । निर्णय हो चुका था।

एक ही पल में सब कुछ बदल गया । शादी के खुशनुमा चहरे अचानक सख्त हो चुके थे, कोमल शरीर वज्र के समान कठोर हो चुका था । जो बाराती थे, वे सेना में तब्दील हो चुके थे, वे अपने सेना के लोगों से विचार विमर्श करने लगे । तब उनको पता चला कि उनके साथ मात्र 70 लोगों की छोटी सी एक सेना थी ।

कल दिनाँक 02 जनवरी 2023 का संकलन जरूर पढिये।


तब वे रात्रि के समय में बिना एक पल गंवाए उन्होंने पास के गांव से कुछ आदमी इकठ्ठे कर लिए । करीब 500 घुड़सवार अब उनके पास हो चुके थे।अचानक उन्हें अपनी पत्नी की याद आयी, जिसका मुख भी वे नहीं देख पाए थे, जो डोली में बैठी हुई थी । क्या बीतेगी उसपे, जिसने अपनी लाल जोड़े भी ठीक से नहीं देखी हो ।

वे तरह तरह के विचारों में खोए हुए थे, तभी उनके कानों में अपनी माँ को दिए वचन याद आये, जिसमें उन्होंने राजपूती धर्म को ना छोड़ने का वचन दिया था, उनकी पत्नी भी सारी बातों को समझ चुकी थी, डोली के तरफ उनकी नजर गयी, उनकी पत्नी महँदी वाली हाथों को निकालकर इशारा कर रही थी । मुख पे प्रसन्नता के भाव थे, वो एक सच्ची क्षत्राणी के कर्तब्य निभा रही थी, मानो वो खुद तलवार लेकर दुश्मन पे टूट पड़ना चाहती थी, परंतु ऐसा नहीं हो सकता था ।
सुजान सिंह ने डोली के पास जाकर डोली को और अपनी पत्नी को प्रणाम किये और कहारों और नाई को डोली सुरक्षित अपने राज्य भेज देने का आदेश दे दिया और खुद खंडेला को घेरकर उसकी चौकसी करने लगे ।

लोग कहते हैं कि मानो खुद कृष्ण उस मंदिर की चौकसी कर रहे थे, उनका मुखड़ा भी श्रीकृष्ण की ही तरह चमक रहा था।
8 मार्च 1679 को दराबखान की सेना आमने सामने आ चुकी थी, महाकाल भक्त सुजान सिंह ने अपने इष्टदेव को याद किये और हर हर महादेव के जयघोष के साथ 10 हजार की मुगल सेना के साथ सुजान सिंह के 500 लोगो के बीच घनघोर युद्ध आरम्भ हो गया ।

सुजान सिंह ने दराबखान को मारने के लिए उसकी ओर लपके और 40 मुगल सेना को मौत के घाट उतार दिए । ऐसे पराक्रम को देखकर दराबखान पीछे हटने में ही भलाई समझी, लेकिन ठाकुर सुजान सिंह रुकनेवाले नहीं थे ।
जो भी उनके सामने आ रहा था वो मारा जा रहा था । सुजान सिंह साक्षात मृत्यु का रूप धारण करके युद्ध कर रहे थे । ऐसा लग रहा था मानो खुद महाकाल ही युद्ध कर रहे हों ।
इस बीच कुछ लोगों की नजर सुजान सिंह पे पड़ी,
लेकिन ये क्या सुजान सिंह के शरीर में सिर तो है ही नहीं…


लोगों को घोर आश्चर्य हुआ, लेकिन उनके अपने लोगों को ये समझते देर नहीं लगी कि सुजान सिंह तो कब के मोक्ष को प्राप्त कर चुके हैं । ये जो युद्ध कर रहे हैं, वे सुजान सिंह के इष्टदेव हैं । सबों ने मन ही मन अपना शीश झुककर इष्टदेव को प्रणाम किये ।

अब दराबखान मारा जा चुका था, मुगल सेना भाग रही थी, लेकिन ये क्या, सुजान सिंह घोड़े पे सवार बिना सिर के ही मुगलों का संहार कर रहे थे । उस युद्धभूमि में मृत्यु का ऐसा तांडव हुआ, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुगलों की 7 हजार सेना अकेले सुजान सिंह के हाथों मारी जा चुकी थी । जब मुगल की बची खुची सेना पूर्ण रूप से भाग गई, तब सुजान सिंह जो सिर्फ शरीर मात्र थे, मंदिर का रुख किये ।

इतिहासकार कहते हैं कि देखनेवालों को सुजान के शरीर से दिव्य प्रकाश का तेज निकल रहा था, एक अजीब विश्मित करनेवाला प्रकाश निकल रहा था, जिसमें सूर्य की रोशनी भी मन्द पड़ रही थी ।ये देखकर उनके अपने लोग भी घबरा गए थे और सबों ने एक साथ श्रीकृष्ण की स्तुति करने लगे, घोड़े से नीचे उतरने के बाद सुजान सिंह का शरीर मंदिर के प्रतिमा के सामने जाकर लुढ़क गया और एक शूरवीर योद्धा का अंत हो गया ।

जब सर्दी बढ़ जाए, तो पिएं लौंग की चाय, जरूर जानिए ये 5 फायदे



1 सर्दी से बचाने के लिए लौंग की चाय बेहद लाभकारी है। लौंग की तासीर गर्म होती है, इसलिए ठंड के दिन में दिन में 2 से 3 बार पीने पर आप सर्दी से बचे रह सकते हैं साथ ही खांसी और जुकाम से भी।
2 अगर आप बुखार से पीड़ित हैं, तो लौंग की चाय पीना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा। इसका प्रयोग करने से आपका बुखार अधिक समय तक नहीं टिक पाएगा और नेचुरल तरीके से ठीक हो जाएगा।
3 शरीर के अंगों और मांस पेशियों में होने वाले दर्द से निजात पाना चाहते हैं, तो लौंग की चाय जरूर पिएं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो लौंग की चाय से दर्द वाले स्थान की सिकाई कर सकते हैं। इससे आपको काफी फायदा होगा।
4 पाचन संबंधी समस्याओं में लौंग की चाय असरकारक है। पेट में एसिडिटी होने और पाचन तंत्र की धीमी गति होने पर लौंग की चाय पीना काफी फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से कार्य करता है।
5 दांतों में दर्द होने पर अक्सर लौंग के तेल का प्रयोग किया जाता है। लेकिन लौंग की चाय भी इसके लिए फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा कफ और गले के विकारों के लिए भी लौंग काफ़ी फ़ायदेमंद है

अपने बच्चों को अवश्य पढाये।

रतन टाटा द्वारा दिये गए सफलता के अनमोल सूत्र

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